इस चुनाव में सोच रहा हु दंखिणपंथी बन जाऊ.
बहुत महगाई है, बहुत बेरोजगारि.
बहुत कोशिश भी की.
नहीं बन प् रहा.
जब भी देखता हु रजत शर्मा को भावी प्रधानमंत्री को महामहिम बनाते तो संघी नही बन पता.
आज का युवा बदलाव चाहता है, मै भी युवा हु मै भी बदलाव चाहता हु. लेकिन कैसे बदल जाऊ.
मेरा भावी नेता बहुत डरपोक है,
शायद उसकी वजह से ही मै बदल नहीं पा रहा.
कल ABP NEWS पे मोदी को तीन पत्रकारों के सामने GHOSNAPATRA में देखा।
बहुत दुःख हुआ, मेरा भावी नेता जिसके लहर में मैं बाप दादा की तालीम छोड़ संघी बनने चला था वो 3 से ज्यादा पत्रकार लोग से डरता है.
यही सवाल मैंने अपने संघी मित्र से किया, जवाब था रजत के प्रोग्राम में तो पब्लिक थी.
मैंने मन में कहा पब्लिक थी या पार्टी कार्यकर्ता जो हर हर मोदी कह रहे थे.
लेकिन मैं ये कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
वरना लोग बाग़ मेरे को आप का समर्थक मान बैठेंगे।
भैया जगदम्बिका पाल जी से सिखने पड़ेगा 30 साल कांग्रेस का झंडा ढो कर संघी कैसे बनते है.
Bilkul sahi kaha aapne...
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